- ₹250.00
- by
- Book: Qasr Gumshuda
- Paperback: 200 pages
- Publisher: Gradias Publishing House
- Language: Hindi
- ISBN-13: 978-81-69082-61-7
- Product Dimensions: 22 x 14 x 2 cm
क़स्र गुमशुदा: ईराक के रेगिस्तान में छिपी एक खतरनाक खोज
ईराक का उत्तरी इलाका, खासकर निनेवे प्रांत, आज के दौर में भी पूरी तरह स्थिर नहीं माना जाता। कई क्षेत्रों में प्रशासनिक पकड़ सीमित है, स्थानीय कबायली ताकतें सक्रिय हैं, और अलग-अलग समूहों का प्रभाव ज़मीन के हिसाब से बदलता रहता है। ऐसे माहौल में किसी भी तरह की खोज— चाहे वह पुरातात्विक हो या निजी— अपने साथ जोखिम लेकर आती है।

“क़स्र गुमशुदा” इसी पृष्ठभूमि पर आधारित एक एक्शन-एडवेंचर कहानी है। एक अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट की आपात लैंडिंग के बाद डेविड, खुद को ऐसे इलाके में पाता है जहाँ हालात सामान्य नहीं हैं। शुरुआती अफरा-तफरी के बाद कहानी का फोकस सीधे उस खोज पर शिफ्ट हो जाता है, जिसके कारण कई लोग इस रेगिस्तान में मौजूद हैं— रेत के नीचे दबा एक सदियों पुराना क़स्र।
इस क़स्र की जानकारी सीमित है। आधिकारिक रिकॉर्ड में इसका स्पष्ट उल्लेख नहीं मिलता, लेकिन स्थानीय स्तर पर इसके बारे में अलग-अलग तरह की बातें प्रचलित हैं। इसी वजह से एक खोजी टीम वहाँ काम कर रही होती है, जिसका नेतृत्व प्रोफेसर लिंकन कर रहे हैं। उनके साथ कुछ विशेषज्ञ सदस्य हैं, जो खुदाई और विश्लेषण का काम संभालते हैं।
जैसे-जैसे खुदाई आगे बढ़ती है, यह साफ़ होने लगता है कि यह सिर्फ़ एक पुरातात्विक परियोजना नहीं है। इलाके में मौजूद कबायली समूह, हथियारबंद गतिविधियाँ और बाहरी हित— इन सबका असर इस खोज पर पड़ रहा है। कुछ लोग इस क़स्र को इतिहास के नजरिये से देख रहे हैं, तो कुछ के लिए इसका मतलब कुछ और है।

डेविड इस पूरे घटनाक्रम के बीच फँस जाता है। एक तरफ़ उसे अपने साथ आई लड़की को बचाने की चिंता है, दूसरी तरफ़ वह उस टीम के साथ जुड़ जाता है जो क़स्र तक पहुँचने की कोशिश कर रही है। लेकिन जल्द ही यह स्पष्ट हो जाता है कि हर व्यक्ति का उद्देश्य एक जैसा नहीं है।
कहानी आगे बढ़ते हुए एक ऐसे मोड़ पर पहुँचती है जहाँ क़स्र की खोज, खजाने की संभावना और अलग-अलग पक्षों के छिपे हुए मकसद एक साथ टकराने लगते हैं। हालात तेजी से बदलते हैं और भरोसा एक बड़ी समस्या बन जाता है।
“क़स्र गुमशुदा” एक तेज़ रफ्तार कहानी है जो ईराक के अस्थिर माहौल, रेगिस्तानी परिस्थितियों और एक खतरनाक खोज को साथ लेकर चलती है। यह कहानी सिर्फ़ एक जगह तक पहुँचने की नहीं, बल्कि उस रास्ते पर बने रहने की है जहाँ हर कदम पर खतरा मौजूद है।






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